Wednesday, July 25, 2018

ॐ नमो शिवया ॐ गणेशा ,जय सरस्वती माँ 

जीवन की कहानी 

हर आदमी अमीर होता है हर आदमी गरीब होता है 
हर किसी के पास  समय बराबर होता है
कोई समय पर  कठिन परिश्रम से  लक्ष्य प्राप्त कर लेता है
कोई समय को टाल देता है कोई लक्ष्य के बारे सोचता रहता  है
लेकिन हर किसी का शरीर एक जैसा होता है
यही  ईस्वर की करिश्मा होती है

कर्म ही पूजा होती है 
कर्म ही कला होती है 
कर्म ही तकदीर होती है 
कर्म ही मानव की पहचान होती है 
कर्म ही मोक्ष की प्राप्ति होती है 

हर दिल की बात को मनुष्य करता है वह ईस्वर के सामान होता है 

दगा  किसी का सागा नहीं  ना नामो कर देखो 
जिन लोगो ने  दग़ा किया है उन लोगो के घर देखो 

 जीवन की कहानी  व्यक्ति स्वयं लिखता है  और स्वयं बिगड़ता है 
समय पर न करके वह जीवन भर पसताता है

पानी निर्मल होता है लेकिन गन्दा हम लोग करते है 
कभी पीकर कभी कूड़ा डालकर 
ऐसी सोच निर्मल होती है 
गलत सोच से गलत भाव् मिलता है 
सही सोच का सही  भाव मिलता है 


मनुष्य स्वयं इतिहास लिखता है 

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